ममता बनर्जी 30 अगस्त काे दिल्ली क्या  करने आ रही हैं ?

संदीप ठाकुर
नई दिल्ली। 30 अगस्त काे दिल्ली में क्या हाेगा ? इसका जवाब है कि यदि सब
कुछ विधिवत चला ताे 30 अगस्त काे इस बात का फैसला हाे सकता है कि 2019
में हाेने वाले लाेकसभा चुनाव में विपक्ष की भूमिका क्या हाेगी। विपक्ष
महागठबंधन बना कर एक साथ लड़ेगा या फिर अलग अलग। काैन सा दल कितने सीटाें
पर चुनाव लड़ेगा। चुनाव लड़ने वाला गठबंधन एक हाेगा या फिर दाे। दरअसल इन
तमाम सवालाें के जवाब उस दिन मिल सकते हैं कि क्याेंकि पश्चिम बंगाल की
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 30 अगस्त को अपने संघीय मोर्चे की बैठक दिल्ली
में करने जा रही हैं। इसके लिए वे तीन दिन दिल्ली में रहेंगी। बताया जा
रहा है कि 17 पार्टियों के नेता उनकी बैठक में शामिल होंगे। इसमें सभी
बड़े नेताओं के शामिल होने की चर्चा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी
इसमें हिस्सा लेंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी
इसमें हिस्सा लेने दिल्ली आ रहे हैं। सपा और बसपा के भी बड़े नेताओं के
शामिल होने की खबर है।

कई लिहाज से ममता की बुलाई इस बैठक को अहम माना जा रहा है। लेकिन दाे
विशेष कारण हैं।  राजनीतिक गलियाराें में पैठ रखने वाले भराेसेमंद
सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश को लेकर इस बैठक में
चर्चा  हो सकती है। विपक्षी राजनीति खास कर कांग्रेस के लिहाज से ये
दोनों राज्य बहुत अहम हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन
समाज पार्टी ने आपस में बातचीत कर ली है और राष्ट्रीय लोकदल को गठबंधन
में शामिल करने पर सहमति है। पर कांग्रेस के बारे में फैसला नहीं हो पाया
है। इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी कांग्रेस के बारे में कोई फैसला नहीं हो
पाया है। अभी तक ऐसा लग रहा है कि राज्य में तीन मोर्चे चुनाव लड़ेंगे।
तृणमूल कांग्रेस बनाम भाजपा बनाम लेफ्ट व कांग्रेस गठबंधन के बीच लड़ाई
होगी।

लेफ्ट और कांग्रेस के नेता तालमेल को लेकर बात कर रहे हैं। अगर
बिहार या उत्तर प्रदेश की तरह का महागठबंधन पश्चिम बंगाल में बनाना है तो
राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से लेफ्ट और कांग्रेस के लिए कम से कम आधी
यानी 21 सीटें छोड़नी होंगी। इसके लिए ममता बनर्जी किसी हाल में तैयार
नहीं होंगी। तभी लेफ्ट और कांग्रेस अलग तैयारी कर रहे हैं।
जानकार सूत्रों का यह भी मानना है कि 30 अगस्त की बैठक में इन दो राज्यों
के अलावा आंध्र प्रदेश को लेकर भी विचार होगा। विपक्षी पार्टियों के नेता
चाहते हैं कि तेलुगू देशम पार्टी और कांग्रेस मिल कर लड़ें। चंद्रबाबू
नायडू की मौजूदगी में इस पर विचार होगा। कहा जा रहा है कि दोनों
पार्टियां तेलंगाना में साथ लड़ने पर राजी हैं। पर टीडीपी को आंध्र
प्रदेश में कांग्रेस को साथ लेने में दिक्कत है। बहरहाल, जो हो 30 अगस्त
को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश की 147 लोकसभा सीटों पर
असर रखने वाले क्षत्रप कांग्रेस को लेकर विचार करेंगे। मालूम हाे कि गत
माह ममता बनर्जी दिल्ली आई थीं आैर साेनिया गांधी सहित कई विपक्ष के
नेताआें से मुलाकात कर काेलकत्ता वापस लाैंटी थां।

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